भारत की राष्ट्र भाषा हिन्दी घोषित तो कई वर्ष पूर्व हो गयी थी लेकिन अभी तक बैंकों में अंग्रेजी भाषा का ही वर्चस्व है । उदारीकरण की नीति के बाद निम्न वर्ग की आय मे काफी इजाफा हुआ और बैंकों को काफी नये ग्राहक प्राप्त हुए लेकिन इन ग्राहकों की ग्रामीण पृष्ठभूमि के कारण इन्हे बैंकों में प्रचलित अंग्रेजी शब्दावली का ज्ञान नही होता और काफी कष्ट उठाना पडता है । इसिलिये बैंकों से सेवा निवृत कुछ वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा जन साधारण को उनकी ही भाषा हिन्दी मे बैंकिंग जानकारी उपलब्ध कराने का संकल्प किया गया ।
वे एक ऎसे माध्यम की खोज मे थे जिससे यह कार्य सम्पन्न किया जा सके । कागज पर छपे समाचारों के मुद्रण से विश्व अनवरत अपनी वन सम्पदा खोता जा रहा है और फिर छ्पे हुए समाचार पत्रों के वितरण की भी अपनी समस्याएं हैं इसलिये जब उन्हे भारत सरकार के आगामी कुछ वर्षों मे हर ग्राम को ब्राडबैण्ड द्वारा जोडने के संकल्प की जानकारी हुई तो उन्होने इन्टरनेट को चुना
पाया की वर्तमान मे लगभग सभी बैंकों की चाहे वह राष्ट्रीयकृत हो या विदेशी हो, अपनी वेबसाइट है । लेकिन अधिकांश साइट अंग्रेजी भाषा मे हैं। जिन साइटों मे हिन्दी विकल्प है भी तो उसका उचित रख रखाव नही हो रहा है। इसलिये इन कमियों को दूर करने के लिये इस वेबसाइट का चुनाव किया गया ।
नीसिया टेकनोलोजी लि. ने इस कार्य में बैंकरों को पूरा सहयोग दिया है और इस कार्य को संभव बनाया है एतएव वे धन्यवाद के पात्र हैं ।
हमारा प्रयास रहेगा कि बैंकिग के हर पहलू की जानकारी हम अपने पाठकों को संक्षिप्त तथा सरल भाषा में दें । इस वेबसाइट को बेहतर से बेहतर बनाने का हमारा संकल्प है ।