बीमा
समान्यत: एक व्यक्ति का बीमा किसी राशि के लिये किया जाता है, जिसके आधार पर ही उसे मैच्योरिटी के बाद पैसा दिया जाता है। कंपनिया एक ही प्रकार की इंश्योरेंस पाँलिसी के लिए कई तरह की स्कीमें देती हैं और अलग-अलग पैसा, जिससे ग्राहक के लिये असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। साथ ही ग्राहको मे मिलने वाले बोनस को लेकर भी अकसर भ्रम की स्थिति रहती है। एजेंट मैच्योरिटी के बाद मिलने वाले पैसे को ही बोनस कहकर ग्राहक से पाँलिसी करवा लेते है, जिसका खामियाजा बाद मे ग्राहक को उठाना पडता है।
सही अमाउंट चुनें: किसी व्यक्ति के सामने सही अमाउंट को चुनने की चुनौती होती है ऐसे मे किसी व्यक्ति को अपनी जरूरतों के बारे मे पूरी तरह स्पष्ट होकर और प्लान करके फैसला लेना चाहिए ताकि वह अमाउंट को सही तरीके से चुन सकें।
न्यूनतम सुरक्षा बिंदु:
काँमन मिनिमम स्टेंडर्ड इस बात के प्रति आश्वस्त करता है कि सभी ग्राहको को एक स्पेसिफिक अमाउंट मिलेगा। इस तरह की पाँलिसी से फायदा खासकर उन इंडीविजुअल को होता है, जो जनरल इंश्योरेंस पाँलिसी लेते है।