जमा उत्पाद
पैसे के साथ खतरा भी जुडा हुआ है। घर मे रखे हुए पैसे को चोर डाकुओं आदि का भय तो रहता ही है इसके अतिरिक्त उससे कोई आमदनी नही होती उल्टी उसकी हिफाजत के लिये तिजोरी और चौकीदर आदि पर जेब से खर्चा अलग करना पडता है। किसी को भी बडी रकम का भुगतान करना हो इस राशि को ले जाने का खर्चा और खतरा अतिरिक्त वहन करना पडता है।
बैंक मे पैसा रखने पर जमा करने वाले का कोई कोई खतरा नही रह जाता। अगर बैंक में कोई चोरी अथवा डकैती काण्ड हो भी जाये तो उसकी हानि बैंक को होती है जमाकर्ता को नहीं। बैंक जमाकर्ता को उसके मूलधन के अलावा कुछ ब्याज भी देता है और रूपये के लेन देन के लिये चैक बुक उपलब्ध कराता है। कुछ जमा योजनाओ में आय कर की छूट उपलब्ध होती है और हिसाब रखने के लिये बैंक खाते का ब्यौरा पास बुक या बैंक स्टेटमेन्ट के रूप में उपलब्ध कराता है।
ग्राहक बैंक मे पैसे इस विश्वास के साथ जमा कराता है कि आवश्यकता पडने पर बैंक से मांगने पर यह वापिस मिल जायेंगे।पैसों को
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चालू खाते मे रखा जा सकता है जिस पर कोई ब्याज नही मिलता पर निर्बाध लेन देन किया जा सकता है।
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बचत खाते मे रखा जा सकता हैं जिसमे न्यूनतम राशि की तथा लेन देन की सीमा है परन्तु ब्याज उपलब्ध है
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लम्बी अवधि के लिये मियादि खाते(जैसे फिकस्ड डिपाजिट, आवर्ती जमा) में रखा जा सकता है जो जमा करवाने के बाद एक बार ही निकलवाये जा सकते हैं लेकिन इन खातों में अधिकतम ब्याज मिलता है।
इसके अतिरिक्त मांग जमाओं (चालू खाते एवं बचत खाते) तथा मियादी जमा योजनाओं के विभिन्न संयोजन एवं क्रमचय(काम्बीनेशन एण्ड परम्यूटेशन)जैसे फ्लेक्सी डिपाजिटस, मल्टीगेन्स सेविंग्स खाते आदि उपलब्ध हैं। बगल में दिये गये सम्पर्क बटनों द्वारा आप इन सब जमा उत्पादों की जानकारी ले सकते हैं।